संतकबीरनगर।सूबे की स्वास्थय सेवाओं को लेकर प्रदेश सरकार संजीदा है।गरीबों को बेहतर इलाज मुहैया हो इसके लिए बडा बजट घोषित किया गया। लेकिन सरकारी अस्पतालों में गरीबों का इलाज अभी भी एक सपना है।सूत्रों की माने तो संतकबीरनगर के संयुक्त जिला चिकित्सालय में चढावा चढ़ाए बिना इलाज नहीं होता है। जहां एक तरफ सदर विधायक जिला अस्पताल पर भ्रष्टाचार व धन उगाही पर अंकुश लगाने का कार्य कर रहे है।

वहीं दूसरी तरफ अस्पताल के कर्मचारियों की मनमानी कम नही हो रही और धन उगाही का कार्य तेजी से किया जा रहा है। बताते चलें कि जिला संयुक्त चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड कराने हेतु आए मरीजों से बिना घूस लिऐ नंबर नहीं लगता है।अल्ट्रासाउंड रूम के बाहर जो भी कर्मचारी ड्यूटी में लगाया जाता है। वह मरीजों से बिना घूस लिऐ नंबर नहीं लगाता है।जो मरीज घूस देने में असमर्थता जाहिर करता हैं। उनका नंबर दूसरे या तीसरे दिन आता है।इन्हीं कर्मचारियों के वजह से गरीब व्यक्ति अपना इलाज जिला अस्पताल मे भी नहीं करवा पाता है।



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