रिपोर्ट-दीपक शर्मा
अलीगढ़-अलीगढ़ में अब तक बिना केंद्र पहुंचे टीकाकरण और जीवित को कोरोना से मृतक दर्शा कर लाभ पहुंचाने के मामले सामने आए। इसी प्रकार का एक और नया हैरान कर देने वाला मामला यह सामने आया है कि अलीनगर निवासी जिस मोहम्मद आरिफ की 8 दिसंबर को मृत्यु हो चुकी है। उसको स्वास्थ्य विभाग ने कोरोनारोधी टीका लगवा दिया। म्रतक के परिजनों की शिकायत है कि मोहम्मद आसिफ ने 17 सितंबर को वैक्सीन लगवाई थी। लेकिन दूसरी डोज 15 जनवरी को लगने से पहले ही 8 दिसंबर को उसकी कुछ बीमारी के चलते मृत्यु हो गई। मेडिकल रोड पर स्टेसनरी की दुकान चला रहे म्रतक के भाई मोहम्मद रिज़वान ने बताया कि वैक्सीनेशन में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर 15 जनवरी शनिवार के दिन सीएचसी छलेसर केंद्र से दूसरी डोज लगने का मैसेज प्राप्त हुआ। उस मेसेज को ओपन किया तो सर्टिफिकेट डाउनलोड करने का ऑप्शन आया उसी साइट से फाइनली दूसरी दोस्त का सर्टिफिकेट डाउनलोड भी हो गया। जबकि मृतक क्षेत्र की कब्र नंबर आठ में दफन है। वहीं इस मामले पर कांग्रेस नेता आगा यूनिस ने कहा कि वैक्सीनेशन के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करके रेलवे स्टेशन दिखाए जा रहे हैं। लेकिन इस मामले में अलीगढ़ के सीएमओ नीरज त्यागी से बात की गई तो उन्होंने बताया है कि वैक्सीनेशन रजिस्ट्रेशन के दौरान मोबाइल नंबर की लास्ट डिजिट गलत पड़ने के कारण ऐसा हुआ है। जिसे सुधारा जा रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यहाँ यह उठता है कि अगर मोबाइल नंबर गलत पड़ गया है तो आधार कार्ड दर्ज करने का क्या मतलब बनता है।



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