
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर एक बार फिर बड़ी अपडेट सामने आई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख बढ़ा दी है। अब अंतिम मतदाता सूची 15 अप्रैल को प्रकाशित की जाएगी।
तारीख बढ़ने के साथ ही पंचायत चुनाव आगे टलने की संभावना भी तेज हो गई है। आयोग की ओर से मतदाता पुनरीक्षण अभियान 2025 के तहत दावे-आपत्तियों के निस्तारण समेत अन्य प्रक्रिया अभी जारी है।
27 मार्च तक चलेगी प्रक्रिया
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतदाता सूची को लेकर मिले लाखों दावे व आपत्तियों के निस्तारण के लिए समय सीमा बढ़ाई गई है। इसके तहत अब सभी कार्यवाही 27 मार्च तक पूरी की जाएगी।
आयोग ने इससे पहले 18 दिसंबर को प्रारंभिक मतदाता सूची जारी की थी, जिसमें पिछले पंचायत चुनाव की तुलना में कुल 40.19 लाख मतदाता बढ़े थे।
आयोग ने बताया आगे का पूरा कार्यक्रम
राज्य निर्वाचन आयुक्त आरपी सिंह के मुताबिक—
7 से 20 फरवरी के बीच दावे-आपत्तियों के निस्तारण के बाद हस्तलिखित पांडुलिपियां तैयार की जाएंगी।
संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन और अन्य दस्तावेजी कार्य होंगे।
21 फरवरी से 16 मार्च के बीच पूरक सूचियों के कंप्यूटरीकरण की तैयारी होगी और उन्हें मूल सूची में समाहित किया जाएगा।
इसी दौरान मतदान केंद्रों व मतदान स्थलों का निर्धारण भी किया जाएगा।
17 से 27 मार्च के बीच मतदान केंद्रों का क्रमांकन, वार्ड मैपिंग, मतदाता क्रमांकन और स्टेट वोटर नंबर आवंटन का कार्य होगा।
चुनाव टलने के संकेत
मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में देरी होने से साफ संकेत हैं कि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया तय समय पर शुरू होना मुश्किल हो सकता है। फिलहाल आयोग तैयारियों में जुटा है, लेकिन नई तारीख के बाद चुनाव टलना लगभग तय माना जा रहा है।



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