कुशीनगर।एक ऐसा ही सच जो हर किसी को सोचने के लिए विवश कर देती है ।कि क्या.गांव की धूल और मिट्टी. के कण से एक ऐसे सितारे का जन्म होगा जो भाभा परमाणु अनुसंधान. संस्थान मुम्बई का.एक एंगल बनेगा और प्रकृति के द्वारा प्राप्त संसाधनो. का.उपयोग.कर भारत माता के सुरक्षा का कवच तैयार करेगा । ऐसा ही एक सच जो पत्थर पर दूर्वा उगने के समान दुर्लभ सच को मनवाने पर विवश कर दिया है। कुशीनगर की धरती जंगल नाहर छपरा के इनरही गांव में जन्मा मुकेश कुशवाहा. जिसके पिता अनिरुद्ध कुशवाहा एक मामूली किसान है पर मुकेश भाभा परमाणु अनुसंधान संस्थान मुम्बई मे आल इंडिया 9वे रैंक प्राप्त कर मेकेनिकल वैज्ञानिक के पद पर चयनित होकर सावित किया है कि सितारा धूल और मिट्टी के कणो मे भी उगते है। यह अपने गांव की मिट्टी के साथ-साथ कुशीनगर के धरती को भी गौरवान्वित किया है। धन्य है हमारी भारत माता जो कभी सर जे०जे०भाभा तो कभी सर अब्दुल कलाम तो कभी सर मुकेश कुशवाहा जैसे रत्न को जन्म देती रहती है। ऐसे भारत की धरती माता को शत-शत नमन ।
धूल और मिट्टी के कण से सितारों को उगते देखा !



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