संतकबीरनगर। मा0 राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली तथा उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ एवं मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद के न्यायमूर्ति की अध्यक्षता में गठित समिति के दिशा-निर्देशों में पारिवारिक विवादों से सम्बन्धित मामलों के निस्तारण हेतु प्री-लिटिगेशन (मामला न्यायालय में जाने से पूर्व स्तर पर) विवाद को निस्तारित किये जाने हेतु।विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया है। जिसके सम्बन्ध में प्रधान न्यायाधीश विरेन्द्र कुमार-तृतीय की अध्यक्षता में एक बैठक सम्पन्न हुयी। प्रधान न्यायाधीश द्वारा ऐसे मामलों जिनमें पति-पत्नी का आपसी विवाद को अदालत में मुकदमा करने से पूर्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रार्थना पत्र देकर, मात्र प्रार्थना पत्र के आधार पर सुलह-समझौता हेतु कार्यवाही की जा सकती है। वाद का निस्तारण परिवार न्यायालय के न्यायाधीश एवं मध्यस्थ अधिवक्ता की संयुक्त पीठ के द्वारा सुलह-समझौता कराये जाने का प्रयास के उपरान्त किया जाएगा। जिसका उद्देश्य न्यायालय में बढ़ने वाले मुकदमों की संख्या में कमी करना है। इसके अतिरिक्त दिनांक 11.12.2021 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में अधिक से अधिक मुकदमों को निस्तारित किये जाने की कार्ययोजना पर चर्चा की गयी। उक्त जानकारी प्राधिकरण के सचिव/न्यायिक अधिकारी हरिकेश कुमार द्वारा दी गयी।
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