बखिरा,संतकबीरनगर। किसानों ने लगाई जिलाधिकारी से गुहार, किसानों की परेशानी का कैसे हो निदान। किसानों की तकलीफ कोई सुनने वाला नहीं है, किसान करे तो क्या करें, कभी प्रकृति की मार तो कभी अपने धान को लेकर बेचने की समस्या। किसान जाए तो जाए कहां। पहले सूखा से ग्रस्त था किसान , किसी तरह धान की फसल यदि बचा पाया तो बाढ़ का दंश झेला। बाढ़ से बचे हुए कुछ फसलों की अब चिंता ये सता रही है कि जो धान क्रय केंद्र बखिरा के जसवल भरवलिया गांव में स्थापित था, वो अभी खुल नहीं रहा है, जो हजारों किसानों के लिए वरदान साबित होता था। किसानों से बातचीत के दौरान पता चला कि एस. एम. आई. से बात हुई तो उन्होंने बताया कि जसवल भरवलिया गांव का क्रय केंद्र माहनपार में खोला जाएगा, अब किसान जितने का धान बेचेगा नहीं उतने का किराया दे देगा , क्योंकि माहनपार लगभग 15 से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। क्या जो अन्नदाता सबको चावल, रोटी, नसीब करवाता है, वही दर-बदर भटके या बिचौलियों का शिकार होवे।
किसानों को जिलाधिकारी से धान क्रय केंद्र खुलवाये जाने की उम्मीद



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