रिपोर्ट-दुर्गेश मिश्रा/बी०डी० पाठक
संतकबीरनगर। धनघटा तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव गायघाट दक्षिणी के लोगों ने अभी हाल में ही बाढ़ की मार झेल ही रहे थे कि दूसरी कटान की समस्या पैदा हो गई, लोगों को उम्मीद थी कि बाढ़ खत्म होते ही हम लोग अपने खेत की जुताई बुवाई करके कुछ अनाज पैदा करके बच्चों का भरण पोषण कर सकेंगे। उसके लिए अभी सोच ही रहे थे कि घाघरा नदी उनके अरमानों पर पानी फेर दिया घाघरा नदी की जबरदस्त कटान होने से अब सब अपना घर छोड़कर जाने के लिए मजबूर है, ग्रामीणों ने बताया कि शासन या प्रशासन कोई हमारी सुधि लेने वाला नही है।गांव के ही किशन ने बताये की कटान इतना तेज है कि एक घण्टे में लगभग 10 लट्ठे जमीन को काट दी।हम सबको यह डर बना हुआ है कि इसी तरह अगर कटान हुआ तो हमारा आशियाना भी बाढ़ में विलीन हो सकता है। गाँव के लोगों के होश उड़े हुए है।गांव के ही अमित,रामदरश,बुद्धिराम से जब जानकारी ली क्या कोई अधिकारी नही आये थे तो उन लोगो ने बताया कि लेखपाल आते है और देखकर चले जाते है।हमारी सुधि कोई नही ले रहा और न ही प्रशासन के द्वारा कोई व्यवस्था की जा रही।वहाँ के तहसीलदार से जब इस बात को लेकर फोन से सम्पर्क साधने की कोशिश की तो उनका फोन नही लगा।



More Stories
खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, कुट्टू आटा, पनीर और तिल के तेल के नमूने लिए
भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण (जनसंख्या की गणना) हेतु दो चरणों में फील्ड ट्रेनर्स का 06 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ संपन्न।
डीएम व एसपी द्वारा समाधान दिवस पर थाना कोतवाली खलीलाबाद पर पहुंचकर सुनी गयी जनता की समस्याएं, सम्बन्धित को दिये गये आवश्यक दिशा निर्देश