फर्जी मस्टररोल पर कार्यवाही करने की बजाय डीसी मनरेगा ने साधी चुप्पी
संत कबीर नगर-मस्टररोल के फर्जी मजदूरों द्वारा कार्य दिखाते हुए मनरेगा योजना मे लूट की सेंधमारी की संलिप्तता में अधिकारियों की भूमिका अहम होती दिख रही है । मनरेगा योजना के क्रियान्वयन में श्रमिकों के मजदूरी को ऊपरी आमदनी के रूप मे मोटी कमाई का जरिया बनाते हुए सचिव , एपीओ , बीडीओ की क्या कहे जिले स्तर के सक्षम अधिकारी भी भाग्य अजमा रहे है । अनियमितता के मद्देनजर फर्जी मस्टररोल मजदूर के प्रकरण की विधिवत जानकारी होने के बावजूद कार्यवाई से मुख मोड़ रहे है जिसे जिम्मेदारी की दृष्टि से देखा जाय तो कहीं न कहीं सह देकर इनकम में हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का काम किया जा रहा है ।
बता दे कि विकास खण्ड बेलहर कला के अन्तर्गत ग्राम पंचायत भीखाडाड़ मे हप्तों चले मनरेगा योजना में ग्राम प्रधान , सचिव , रोजगार सेवक , एपीओ , बीडीओ की मिलीभगत से 96 मनरेगा मजदूरों का मस्टररोल जारी करके 10/12 मजदूरों से काम करवाया गया । जिससे बड़े पैमाने पर मनरेगा मजदूरी के नाम पर धन का बंदरबाट होता दिख रहा है । जिसकी जानकारी में खण्ड विकास अधिकारी द्वारा मौके पर जाकर निरीक्षण भी किया गया । बावजूद कार्यवाई करने के बजाय लीपापोती का काम किया गया । वही तुल पकड़ते हुए मामले की पूरी जानकारी होने के बाद भी प्रभारी डीसी मनरेगा द्वारा कार्यवाई करने के बजाय अनभिज्ञता बताते हुए जिम्मेदारी से मुख मोड़ा जा रहा है ।
अलबत्ता ऐसे मे यह कहना कोई अतिश्योक्ति नही होनी चाहिए कि ” चोर-चोर मौसेरे भाई “।



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