संवाददाता- डॉ संजय तिवारी
राणा महान, चेतक महान, राणा का शौर्य निराला था।
अरि दल का शोणित पी पी कर, हर्षित राणा का भाला था।
भारत माता के वीरों की अद्भुत धारी परिपाटी थी।
रण कौशल राणा का लख कर हर्षाई हल्दीघाटी थी।
चेतक भी अश्व अनोखा था, रणभूमि में वो डट जाता था।
भाले के वार से रणस्थल अरि मुंडों से पट जाता था।
वीरता देख कर राणा की अकबर इतना घबराता था।
सेनापति भेजा करता था न स्वयं सामने आता था।
इस राजपूत ने दिखलाया, भारत वीरों की धरती है।
दुश्मन के लोहित धारा से यह सजती और संवरती है।
है! वीर शिरोमणि ले भाला बन कर अब अचल अटल आओ।
भारत माता है टेर रही, भारत के "राजकमल" आओ।
हिन्दू समाज के संरक्षक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप सिंह जी के अवतरण दिवस पर वीर शिरोमणि को कोटि कोटि नमन।
लेखक - राजकमल खुरपेंची बाराबंकी



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