
कुआनो पंप नहर के आधुनिकीकरण से 5,058 अतिरिक्त किसान परिवारों को मिलेगा लाभ
धनघटा/संतकबीरनगर। सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और धनघटा विधायक गणेश चंद चौहान ने रविवार को मुखलिसपुर स्थित चौधरी चरण सिंह निरीक्षण भवन के पुनरोद्धार परियोजना का लोकार्पण किया। गंडक संगठन के ड्रेनेज खंड-2 के नियंत्रणाधीन निरीक्षण भवन के पुनरोद्धार से विभागीय अधिकारियों एवं क्षेत्रीय गतिविधियों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में अपराध, भय और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हुई है। सरकार महिलाओं और बेटियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार योजनाएं संचालित कर रही है।
उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी एवं लाभार्थीपरक योजनाओं को लेकर गांवों में चौपाल लगाई जाएगी। आवास, किसान सम्मान निधि, आयुष्मान कार्ड, पेंशन सहित अन्य योजनाओं से वंचित पात्र लाभार्थियों को चिन्हित कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
मंत्री ने लोगों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाने के साथ उनके साथ अच्छे व्यवहार और संवाद का वातावरण बनाया जाए। महापुरुषों की जीवन गाथाओं से बच्चों को परिचित कराने से उनमें ज्ञान और संस्कार विकसित होंगे। उन्होंने ग्रामीणों से आपसी भाईचारा बनाए रखने तथा नाली, खड़ंजा, चबूतरा, तालाब और दूसरे की जमीन पर कब्जा न करने की अपील की।
3,488 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता हुई बहाल
समारोह में चौधरी चरण सिंह कुआनो पंप नहर के आधुनिकीकरण की उपलब्धियां भी सामने रखी गईं। वर्ष 1963-64 में स्थापित यह पंप नहर कुआनो नदी के बाएं तट पर स्थित है। इसकी कुल क्षमता 240 क्यूसेक है, जिसमें 60 क्यूसेक क्षमता के पांच पंप लगे हैं। करीब 115.22 किलोमीटर लंबी नहर से जुड़े 19 माइनरों के माध्यम से संतकबीरनगर और गोरखपुर के लगभग 14,725 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है।
परियोजना से करीब 285 गांवों के 23,194 कृषक परिवार लाभान्वित होते हैं। वर्ष 2025-26 में इसके आधुनिकीकरण के लिए 17.66 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई थी, जिसे 58.35 लाख रुपये की बचत के साथ पूरा किया गया। इसके तहत विद्युत सब-स्टेशन को 33/3.3 केवी से 33/11 केवी में उच्चीकृत करने के साथ पंप हाउस में स्थापित पंप और मोटरों को भी बदला गया।
आधुनिकीकरण के बाद करीब 3,488 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता पुनर्स्थापित हुई है। इससे लगभग 5,058 अतिरिक्त कृषक परिवारों को सिंचाई का लाभ मिलने का दावा किया गया। अधिकारियों के अनुसार परियोजना से क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था मजबूत होने के साथ किसानों को कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी, मुख्य अभियंता गंडक विकास कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता केपी सिंह, अधिशासी अभियंता अजय कुमार, एसडीएम धनघटा वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता, सीओ धनघटा अभय मिश्रा सहित सिंचाई विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।



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