
संत कबीर नगर। विकास खंड खलीलाबाद स्थित ब्लॉक संसाधन केंद्र में प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए श्रीअन्न (मोटे अनाज) विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को श्रीअन्न के पोषण एवं स्वास्थ्य लाभ, उन्नत खेती की तकनीक तथा दैनिक आहार में इसके उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा।
कृषि विज्ञान केंद्र संत कबीर नगर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. देवेश कुमार ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से शिक्षकों को बाजरा, ज्वार, रागी, कोदो, कुटकी और सांवा सहित विभिन्न श्रीअन्न फसलों की उपयोगिता एवं महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोटे अनाज पोषक तत्वों से भरपूर होने के साथ कम पानी और बदलती जलवायु जैसी परिस्थितियों में भी महत्वपूर्ण फसल हैं। श्रीअन्न पोषण सुरक्षा, जल संरक्षण और टिकाऊ कृषि का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।
डॉ. देवेश कुमार ने शिक्षकों को श्रीअन्न की उन्नत खेती के लिए उपयुक्त फसल एवं किस्म के चयन, बुवाई का उचित समय, बीज दर, खाद एवं उर्वरक प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण तथा कटाई के बाद प्रबंधन की तकनीकी जानकारी दी। साथ ही श्रीअन्न से तैयार होने वाले विभिन्न पौष्टिक खाद्य पदार्थों के बारे में भी बताया गया।
उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों में स्वस्थ खान-पान की आदतें विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं। ऐसे में शिक्षक बच्चों एवं अभिभावकों तक श्रीअन्न के महत्व की जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने श्रीअन्न की खेती, पोषण, उपयोग एवं प्रसंस्करण से संबंधित सवाल पूछे, जिनका कृषि वैज्ञानिक ने तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी के साथ समाधान किया।
कार्यक्रम में सहायक विकास अधिकारी (कृषि) राम चौन, भूमि संरक्षण अधिकारी शशांक शेखर शुक्ला, सहायक विकास अधिकारी विजय प्रकाश पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी एवं प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक मौजूद रहे।



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