
संतकबीरनगर। उद्यान विभाग के तत्वावधान में मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल, घोरहट में मखाना विकास योजना के तहत वर्ष 2026-27 के लिए सामान्य, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ।
प्रशिक्षण के दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को मखाना की वैज्ञानिक खेती, उन्नत उत्पादन तकनीक, पौध एवं बीज प्रबंधन, पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, कटाई तथा प्रसंस्करण की आधुनिक विधियों की जानकारी दी। साथ ही मखाना उत्पादन के माध्यम से आय बढ़ाने एवं रोजगार के नए अवसरों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में कृषि अभियंत्रण के वैज्ञानिक डॉ. देवेश कुमार, कृषि वानिकी के वैज्ञानिक डॉ. तरुण कुमार, शस्य विज्ञान के वैज्ञानिक डॉ. दुर्गेश कुमार मौर्य तथा कृषि प्रसार के वैज्ञानिक डॉ. अभिनव सिंह ने किसानों को तकनीकी जानकारी देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
जिला उद्यान अधिकारी समुद्रगुप्त मल्ल ने बताया कि केंद्र सरकार की मखाना विकास योजना के अंतर्गत जिले को प्रशिक्षण के साथ दो हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना की खेती का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि मखाना की नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार की जाती है, जबकि पौधों की रोपाई फरवरी-मार्च में होती है। अगस्त-सितंबर तक फसल तैयार हो जाती है। वैज्ञानिक तरीके से मखाना की खेती कर किसान प्रति हेक्टेयर 4 से 5 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर सकते हैं।



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